Aaj ke Vichar: व्रत का सच्चा अर्थ और आत्म अनुशासन
केन्द्रीय विचारव्रत का मूल अर्थ केवल भोजन से विरत होना नहीं है, बल्कि अपनी इच्छाओं…
व्रत का सच्चा अर्थ: प्रेमानंद जी महाराज की सीख से जीवन की साधना
व्रत का वास्तविक अर्थ व्रत का अर्थ केवल भोजन न करना या किसी विशेष अन्न…
भक्त के अधीन परमात्मा – भक्ति की सर्वोच्च महिमा
केंद्रिय विचार (Aaj ke Vichar)परमात्मा सर्वशक्तिमान हैं, परंतु जब वे कहते हैं – “मैं अपने…
भक्त के अधीन भगवान – प्रेम की सर्वोच्च महिमा
परिचयभक्ति का सार यही है कि जब प्रेम में समर्पण आता है, तब स्वयं भगवान…
Aaj ke Vichar – अंतर्मन की शुद्धि और गुरु वाणी का प्रकाश
केन्द्रिय विचारआज का विचार है – अंतर्मन की शुद्धि ही परम आनंद का मार्ग है।…
छह मिटे तो प्रभु मिलें: गुरु कृपा और आचरण की शक्ति
गुरुवाणी का सारगुरुजी ने अपने प्रवचन में बताया कि साधना का सबसे बड़ा शत्रु है…
Aaj ke Vichar: Naam Jap se Jeevan ka Naya Prakash
केंद्रीय विचारआज का विचार है: नाम जाप ही परम साधना है। जब मन हर स्थिति…