ब्रह्मचर्य का महत्व और उसका अनुकरण

ब्रह्मचर्य: जीवन का अनमोल धरोहर

ब्रह्मचर्य का अर्थ मात्र शारीरिक संयम तक सीमित नहीं है, यह मानसिक सक्रिया भी है जो ऊर्जा को सही दिशा में ले जाती है। जैसे गुरुजी कहते हैं, ‘ब्रह्मचर्य का नाश वीर का नाश है।’ जब आप इसे सही ढंग से अपनाते हैं, तो आपकी दृष्टि जिस ओर भी पड़ेगी, वहां जय होगी।

आज के युवाओं में ब्रह्मचर्य के प्रति गलतफहमियाँ

अफसोसनाक है कि आजकल के बच्चे इसे मात्र मनोरंजन समझते हैं। उन्हें परामर्श देने वाले लोग भी इसे प्रोत्साहित करते हैं, जैसे गाड़ी स्टेशन से अलग कर दो और बहुत शांत हो जाओ। यह आदतें, जो लुभावनी प्रतीत होती हैं, वास्तविकता में भूत नहीं हैं। यह हमारी मस्तिष्क की गंदी आदतें हैं, जिन्हें हम पहचान नहीं पाते।

रक्त की स्वाभाविकता और जीवनशक्ति

गुरुजी कहते हैं, ‘हमारे रक्त का स्वभाव है, अगर बाहर आए तो ठंडा होकर जम जाएगा।’ यह स्वाभाविक गुण शरीर की रक्षा करता है। इसी प्रकार, ब्रह्मचर्य को भी अगर हम उचित रूप से नहीं अपनाते, तो यह हमारी जीवनशक्ति का नुकसान कर देता है।

सही मार्ग का अनुसरण

जब तक हम सही मार्ग का अनुसरण नहीं करते, जीवन में मानसिक शांति प्राप्त नहीं होगी। विषयी मानसिकता की जकड़न से मुक्त होने के लिए, संयम की आवश्यकता होती है। गुरुजी का कथन है कि अगर सही दिशा में प्रयास न किया जाए, तो व्यक्ति मानसिक रोगों से ग्रस्त हो सकता है।

जीवन में सही मार्गदर्शन की आवश्यकता

गुरुजी बताते हैं कि हमारे जीवन में सही मार्गदर्शन कितना महत्वपूर्ण है। यह साधारण बाबा का विषय नहीं है, बल्कि हर मनुष्य को अपने जीवन में संयमित रहकर चलना चाहिए ताकि उनका जीवन बेहतर बन सके।

गुरुओं के अनुभवों का अनुसरण

गुरुजी कहते हैं कि अनुभव महत्वपूर्ण होते हैं, और उनसे सीखकर हमारा जीवन बेहतर बन सकता है। उन्होंने अपने अनुभव साझा किए हैं कि किस प्रकार संयमित जीवन जीने से जीवन में उन्नति होती है और कैसे मनुष्य जीवन दुर्लभ होता है।

वर्तमान परिदृश्य

आज के समय में बच्चों को सही मार्गदर्शन की आवश्यकता है क्योंकि वर्तमान समय में व्यर्थ संगति के कारण वे अपनी वास्तविक ज्ञान की शक्ति को खो रहे हैं। माता-पिता के प्रति सम्मान नहीं है और उन पर अनुचित व्यवहार करते हैं। विद्या का उद्देश्य आत्मशांति और समाज में योगदान होना चाहिए।

सही दिशा में प्रयास

समय रहते जीवन में सही दिशा में प्रयास करना अति आवश्यक है। यदि हम पूर्व की गलतियों को सुधारें तो जीवन को नया आयाम दिया जा सकता है।

FAQ – बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न

  1. ब्रह्मचर्य का क्या मतलब है?
  1. आज के युवाओं को ब्रह्मचर्य क्यों महत्वपूर्ण है?
  1. गुरुजी के अनुसार ब्रह्मचर्य का पालन कैसे किया जाए?
  1. क्या मानसिक स्वास्थ्य पर ब्रह्मचर्य का प्रभाव पड़ता है?
  1. ब्रह्मचर्य का पालन करने के लिए किस प्रकार की जीवनशैली अपनानी चाहिए?

निष्कर्ष

गुरुजी का यह प्रवचन हमें यह सिखाता है कि ब्रह्मचर्य का सही उपयोग हमें मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से स्वस्थ बनाता है। जब हम अपनी मूल शक्तियों को पहचानते और उपयोग करते हैं, तब जीवन में सच्ची शांति और उन्नति प्राप्त होती है। भक्ति के मार्ग में ब्रह्मचर्य एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसे जीवन में अपनाकर हम संतोष और आनंद की ओर अग्रसर हो सकते हैं। अधिक गहराई से समझने के लिए और भजनों का आनंद लेने हेतु आप livebhajans.com पर जाकर

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Originally published on: 2023-01-18T15:15:10Z

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