आत्मसंयम का उजाला: जीवनी शक्ति का संरक्षण
आत्मसंयम का उजाला आज का युग भौतिक सुख-सुविधाओं से भरा हुआ है, पर भीतर की…
आत्मसंयम का उजाला आज का युग भौतिक सुख-सुविधाओं से भरा हुआ है, पर भीतर की…
गृहस्थ जीवन में आध्यात्मिक जागरणगृहस्थ जीवन में जब शरीर अस्वस्थ, धन सीमित और परिवार में…
पूर्ण शरणागति का अर्थगुरुजी के वचनों में गहराई है — जब तक मनुष्य पूर्ण रूप…
संत संग का रहस्य जीवन के अनेक जन्मों की यात्रा के बाद जब मनुष्य को…
प्रारब्ध की वास्तविकता और उसका क्षयहर मनुष्य अपने जीवन में प्रारब्ध के अनुसार सुख-दुःख भोगता…
परिचय कभी-कभी जीवन के मार्ग पर हम यह सोचते हैं कि ज्ञान केवल पुस्तकों और…
नाम-जप: कलयुग में सबसे सरल साधनागुरुजी के वचनों का सार यही है कि नाम-जप केवल…
हार का असली अर्थ गुरुजी कहते हैं – यदि तुम्हें लगता है कि तुम हार…
दीक्षा का अर्थ और उसके दो स्वरूपदीक्षा शब्द का अर्थ है – ‘मनुष्य को अंधकार…
परिचय जीवन में हर मनुष्य की यात्रा किसी न किसी कामना से आरंभ होती है।…