पहली झलक में मिला अनंत प्रेम – श्री महाराज जी से अविस्मरणीय भेंट
प्रेममय भेंट का आरंभ वृंदावन धाम की एक शांत संध्या थी। एक साधक पहली बार…
प्रेममय भेंट का आरंभ वृंदावन धाम की एक शांत संध्या थी। एक साधक पहली बार…
गुरु का वास्तविक स्वरूप: वाणी में विराजमान तत्व पूज्य महाराज जी के इस discourse में…
परिचयब्रह्मचर्य, भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में केवल शारीरिक संयम नहीं, बल्कि मन, वचन और कर्म की…
गृहस्थ जीवन: साधना का वास्तविक मैदान गुरुजी के उपदेश में एक गहरी बात है –…
परिचयमानव जीवन के हर संबंध में आनंद या दुःख का अनुभव हमारी दृष्टि पर निर्भर…
प्रस्तावना आज के जीवन में हम उतनी ही तेजी से दौड़ रहे हैं जितनी तेजी…
प्रस्तावनाजीवन में अक्सर हम भय, दुःख और अनिश्चितता से गुज़रते हैं। कभी लगता है कि…
सच्चे मित्र की परिभाषा गुरुजी के इस दिव्य प्रवचन में एक गहरा संदेश है —…
प्रातःकाल का दिव्य रहस्य गुरुजी के प्रवचन में ‘ब्रह्म मुहूर्त’ के महत्व को अत्यंत सुन्दर…
गिरिराज जी का अभिषेक और ब्रज का अनोखा भावब्रजधाम में आज एक सुंदर घटना घटित…