गृहस्थ में रहकर भी भक्ति का परम मार्ग
भक्ति और गृहस्थ आश्रम का संगममनुष्य के जीवन में भक्ति और गृहस्थी दो ऐसी धाराएँ…
Aaj ke Vichar: मनोवा नाड़ी और चिंतन की पवित्रता
केंद्रीय विचारमनुष्य के शरीर में मनोवा नाम की एक सूक्ष्म नाड़ी कार्यरत होती है, जो…
मनोवा नाड़ी की रहस्यमयी शक्ति और आत्मसंयम का संदेश
मनोवा नाड़ी: शरीर की सूक्ष्म चेतनामानव शरीर में अनेक नाड़ियाँ प्रवाहित हैं जो प्राण ऊर्जा…
अाज के विचार: अनन्यता और गुरु भक्ति का सच्चा अर्थ
जीवन के हर चरण में हम अनेक संबंधों, कर्तव्यों और भावनाओं से बंधे रहते हैं।…
गुरु की निष्ठा और श्री राधा की अनन्यता
परिचयजब हृदय में भक्ति का अंकुर फूटता है, तो साधक को दो आधार मिलते हैं…
गर्भावस्था का दिव्य संस्कार और भगवत चिंतन
परिचयगर्भकाल केवल शारीरिक परिवर्तन का समय नहीं होता, बल्कि यह आत्मिक रूपांतरण की सबसे सूक्ष्म…
गर्भ संस्कार और भगवत चिंतन : एक दिव्य शिक्षा
गर्भ संस्कार का दिव्य अर्थजब एक माँ गर्भवती होती है, तब केवल एक नया शरीर…