ब्रह्मचर्य का प्रकाश: संयम से आत्मबल की प्राप्ति
ब्रह्मचर्य की आत्मीय समझगुरुदेव ने अपने दिव्य प्रवचन में ब्रह्मचर्य के महत्व को अत्यंत सरल…
Aaj ke Vichar – भय और भक्ति का संतुलन
केंद्रीय विचारभय और भक्ति, दोनों मनुष्य के जीवन के गहरे भाव हैं। अक्सर जब कोई…
गृहस्थ में रहकर भी भक्ति का परम मार्ग
भक्ति और गृहस्थ आश्रम का संगममनुष्य के जीवन में भक्ति और गृहस्थी दो ऐसी धाराएँ…
Aaj ke Vichar: मनोवा नाड़ी और चिंतन की पवित्रता
केंद्रीय विचारमनुष्य के शरीर में मनोवा नाम की एक सूक्ष्म नाड़ी कार्यरत होती है, जो…
मनोवा नाड़ी की रहस्यमयी शक्ति और आत्मसंयम का संदेश
मनोवा नाड़ी: शरीर की सूक्ष्म चेतनामानव शरीर में अनेक नाड़ियाँ प्रवाहित हैं जो प्राण ऊर्जा…
अाज के विचार: अनन्यता और गुरु भक्ति का सच्चा अर्थ
जीवन के हर चरण में हम अनेक संबंधों, कर्तव्यों और भावनाओं से बंधे रहते हैं।…