Aaj ke Vichar – Main Sharir Nahi Hoon
केन्द्रीय विचार आज का विचार है: "मैं शरीर नहीं हूँ, मैं आत्मा हूँ।" जब हम…
शरीर से अलग होकर भक्ति की राह
प्रस्तावना गुरुजी के वचनों में एक गहन सत्य छिपा है – हम अपने शरीर नहीं…
संत संग, नाम जप और चरित्र की शक्ति
संत संग और भक्ति मार्ग की शुरुआत गुरुदेव समझाते हैं कि भक्ति की पहली सीढ़ी…
संत-संग, नाम-जप और चरित्र की अमूल्य साधना
प्रेरक कथा गुरुदेव ने एक अत्यंत मार्मिक प्रसंग सुनाया कि जीवन में चाहे कितनी भी…
Aaj ke Vichar: संयम और सत्संग का महत्व
केंद्रीय विचार जीवन में संयम रखना केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक…
युवाओं में संयम और सत्संग का महत्व
परिचय हमारे समाज में नई पीढ़ी कई बार ऐसे आचरणों की ओर बढ़ जाती है,…
पुत्र भाव और परमात्मा भाव का संतुलन
भगवत प्रेम में भाव का रहस्य लड्डू गोपाल जी की सेवा में कभी-कभी हम या…